*"जूझो और बूझो"- 2 इनामी प्रतियोगिता*
*लोकभाषा पवारी, भोयरी की कुछ पैलोड़ी (पहेलियां) दी जा रही हैं जिनके उत्तर क्रमा नुसार अपेक्षित हैं*
*कृपया प्रतिभागी गण अपने उत्तर समूह में साझा न कर सुखवाड़ा के वाट्स एप नम्बर 94253 92656 पर ही भेजें*
*सभी पहेलियों के सही उत्तर देने वाले प्रथम* *प्रतिभागी को 51 रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा*
*पैलोड़ी (पहेलियां)-*
1.चार भाई चार रंग,फूल खिलय एक रंग।
2.इक नारी को मैलो रंग, वा ते रव्हय पीय संग ।
3.एक नार को पेट नी आंत, ऊप्पर नीच्च दांत च दांत
4.दो पाय, दो ही सर, असी नार रव्हय घर-घर
5.कारो घोड़ा, सफेद सवारी, एक का बाद एक की बारी।
6.रोज मख तुम देखय, साल भर बाद तुम फेंकय।
7.एक फूल म पत्ता च पत्ता, दिल्ली होये या कलकत्ता।
8.मुंह प मस्सा, पेट म दाढ़ी, चूस चूस खाय लाड़ा लाड़ी।
9.आधो फल, आधो फूल। बूझो नी ते,जाहे भूल।
10.गोरी गोरी नारी, न पहनी हरी साड़ी।
11.आरु चार भाई चार रंग, फूल खिलावय एक रंग ।
12.पूरी ते भी पुरी, आधी ते भी पूरी।
13.एक गेंद में रव्हय पानी। आधो सोना, आधो चांदी ।
14.छोटो सो सूरदास, कपड़ा पह्नय पच्चीस पचास।
15.छोटो सो एक फकीर, पेट म ओका लकीर।
*सुखवाड़ा सेवाश्रम, भोपाल*
9425392656
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