Thursday, 3 April 2025

क्षत्रिय पवार की शान

**क्षत्रिय पवार की शान**  गिरहारे, पराड़कर, वीरों की पहचान,  खरपुसे, बड़नगरे, शौर्य में महान।  घाघरे, छेरके, रण में सजे,  कडवे, पाठे, जो दुश्मन से लड़े।  डोंगरदिये, धारफोड़, तेज हमारा,  चौधरी, माटे, स्वाभिमान हमारा।  फरकाड़े, गाडगे, इतिहास के ध्वज,  ढोटे, देशमुख, शत्रु के भय।  खौसी, डिगरसे,...

Wednesday, 19 February 2025

पँवारी पहेलियाँ क्विज़ body { font-family: Arial, sans-serif; text-align: center; } .quiz-container { width: 80%; margin: auto; } .question { font-size: 18px; margin: 20px 0; } .options label { display: block; margin: 5px 0; cursor: pointer; } .result { font-weight: bold; margin-top: 20px; } .answer-sheet { display: none;...

Sunday, 16 February 2025

*पवारी-भोयरी भाषा -संस्कृति*

*पवारी-भोयरी भाषा -संस्कृति* 1. *लाम्हन* - रफाड़ में  बैलों को चरने के लिए  बाँधी गई लम्बी रस्सी2. *भुड़का* - नदी- नाले में अस्थायी रूप से सिंचाई के लिए बनाया गया अस्थायी कुँआ। इस सम्बन्ध में एक कहावत भी है - जैसे जिनके माता पिता वैसे उनके लड़के।जैसे जहाँ के नदी नाले वैसे वहां के भुड़के।3. *चीप -पाड़* - आम का पतला चपटा स्वरुप चीप जो सबसे पहले पकता है। सामान्य पके पेड़...

Saturday, 4 January 2025

भोयरी / पवारी - राजेश बारंगे पंवार

भोयरी / पवारी पवारी / भोयरी बैतूल, छिंदवाड़ा, वर्धा क्षेत्र में बोली जाने वाली मालवी की एक बोली के रूप में नामित है। कुछ विद्वान इसे रांगड़ी की बोली मानते हैं। कुछ स्रोतों में यह उल्लेख किया गया है कि भोयर लोगों द्वारा यह बोली बोले जाने के कारण इसका नाम भोयरी पड़ा। पवारी / भोयरी मालवी की एक बोली है जो बैतूल, छिंदवाड़ा, और वर्धा के पंवारों/भोयरों द्वारा बोली जाती है। इसके कारण...

Sunday, 17 November 2024