Thursday, 17 May 2018

पुहमी बुड़ा पुँवार (भाटी गीत)

पुहमी बुड़ा पुँवार
(भाटी गीत)

करि बन्दन सुख के सदन, गौरीनब्द गनेस ।
कथें सुजस पँवार कुल, बर दे बुद्धि बिसेस ।।१।।

मालव धरनी मांह, धार नगर रजधानी ।
बीर तरवत पुँवार, कीरत जगदेव कहानी ।।२।।

विक्रमसा नरबीर, नगर उज्जेणि में नामी ।
मुन्ज अफ नृप भोज, चतुर्दस-विद्या ज्ञानी ।।३।।

जन्म लियो भरतरी जशा, देस भयों चहुँ दण्ड ।
गुरू गोरख सिर कर धन्यो, अमर नाम अखंड ।।४।।

पृथ्वी ठावी उज्जेणिपुर, धरा ठावि गढ़ धार ।
कुल वर्गु पूरू राय को, पुहमी बड़ा पुँवार ||५||

पँवार चक्रवर्ती राजा भोज

संकलन डॉ.ज्ञानवेर टेंभरे

No comments:

Post a Comment

भोयरी (पवारी) बोली: एक भाषाई एवं सांस्कृतिक अनुशीलन- शिवानी पवार (बारंगे) -भोयरी / Bhoyari / Pawari

भोयरी (पवारी) बोली: एक भाषाई एवं सांस्कृतिक अनुशीलन लेखिका: शिवानी पवार (बारंगे) निवास स्थान: देवरी, मुलताई संस्था से संबद्धता: माँ ताप...