ॐ जय क्षत्रिय पवार समाज पवार समाज का इतिहास जानें पवारी शोध पत्रिका अब उपलब्ध
ॐ जय क्षत्रिय पवार समाज ॐ

क्षत्रिय पवार समाज की
सम्पूर्ण जानकारी

पवार समाज का इतिहास, गोत्र, सरनेम, भोयर पवार, और पवारी शोध पत्रिका — सब कुछ एक जगह

72–84
Surnames
100+
Articles
72–84
Gotras
10+
Journal Issues
🏰
⭐ Featured
Pawar Samaj
📜 इतिहास

पवार समाज के सभी सरनेम और उनकी उत्पत्ति की विस्तृत जानकारी। भोयर पवार समाज के गोत्र और सरनेम रिकॉर्ड।

नवीनतम पोस्ट
सभी देखें →

Monday, 25 May 2020

भुजलिया (पंवारो/भोयर/भोयर पंवार का मुख्य त्योहार)

*भुजलिया (पंवारो/भोयर/भोयर पंवार का मुख्य त्योहार)*


सावन माह की पूर्णिमा के अगले दिन बनाया जाने वाला पर्व.....
नागपंचमी अगले दिन गेहूं के दानों को बांस की टोकरी में बोया जाता हैं बेटी के टोकरी व एक टोकरी खेत की, और एक टोकरी देव के लिए बोई जाती हैं


अगले 10 दिनों तक बोई गई टोकरी को अंधेरे में रखा जाता हैं एवम बोवाई की उगाई व स्वरूप देख फसल का अंदाजा लगाया जाता है


रक्षाबंधन के दिन चौक पुरकर पटे पर भुजलिया को रख पूजा की जाती हैं रक्षाबन्धन के अगले दिन भुजलिया को पुजा करके किसी, नदी या किसी जल स्त्रोत पर उजा लिया जाता हैं 


भुजलिया को सबसे पहले समीप के किसी मंदिर में चढ़ाया जाता है उसके बाद आसपास व करीबी रिश्तेदार को दिया जाता है जिसमे बड़े छोटो को आशीर्वाद देते हैं भुजलिया पर्व पर एक दुसरो से मिल परस्पर मेल बढ़ाते हैं


भुजलिया उजाना- बेटी की शादी हो जाने पर प्रथम भुजलिया पर भुजलिया उजा दिए जाते हैं जिसमे बॉस की खाली 5 या 7 या अधिक टोकरी मामा मामी, चाचा चाची , बहन, मौसी, बुआ करीबी रिश्तेदार को दी जाती हैं आखिर में एक टोकरी को ससुराल में ले जाया जाता है


इस तरह बेटी के शादी के बाद भुजलिया उजा दिए जाते है एवम अब अगले साल से बेटी के नाम से भुजलिया बोया नही जाते।


भुजलिया उजना यह कि अब बेटी को ससुराल को समर्पित कर दिया गया हैं मा बाप का कर्तव्य बडे लाड़ प्यार को बड़ा कर पड़ना लिखना अब पूरा हुआ अब ससुराल पक्ष में बेटी अपने कर्तव्यों का निर्वाह करे


*लेख - राजेश बारंगे पंवार*
*संशोधन आमंत्रित*


*आपसे निवेदन है कि यह पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करे*
👤
Rajesh Barange

क्षत्रिय पवार समाज के इतिहास और संस्कृति का शोध एवं प्रचार।

प्रोफाइल देखें