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Saturday, 16 December 2023

पवारों की प्रशस्ति

पवारों की प्रशस्ति


  • गोत्र लेकर चलने वालों में क्षत्रिय श्रेष्ठ है-भगवान बुद्ध
  • क्षत्रियों का उद्देश्य उदारता और दया है-चीनी यात्री हवेनसांग, 630 ई
  •  क्षत्रिय शक्तिशाली और बहादुर होते हैं और वे परम्परागत रीति रिवाजों का पालन करते हैं। राजपूत देशभक्त और कूलीन होते हैं-टॉड 
  • राजपूत महान सैनिक होते थे-कार्ल मार्क्स 
  • राजपूत भारतीय रक्षा पंक्ति की रीढ़ है- पं. जवाहरलाल नेहरु
  •  राजपूत जोखिम उठाने वाले और साहसी होते हैं-डॉ राधाकृष्णन्‌ 
  • राजपूत हिन्दू समाज के रक्षक थे-डॉ मीनाक्षी जैन 
  • राम और कृष्ण के बाद दिलों पर राज करने वाले दो ही राजा हुए-राजा भोज और विकमादित्य जिनकी लोक गाथाएं राम और कृष्ण की लोकगाथाओं की तरह घर-घर में गाई व कही जाती है-महेश श्रीवास्तव
  • शूरवीरता, तेज, धेर्य, चपलता, युद्धभूमि से नहीं भागने का स्वभाव और पुत्रतुल्य प्रजा की रक्षा का भाव क्षत्रियों का स्वाभाविक कर्म है। गीता, श्लोक, 43, अध्याय 48
REF- Sikho Sabak Pawaro सीखो सबक पवारो

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Rajesh Barange

क्षत्रिय पवार समाज के इतिहास और संस्कृति का शोध एवं प्रचार।

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