Saturday, 20 June 2020

भूले-बिसरे शब्द* 002

*भूले-बिसरे शब्द* 
*मुचका* - फसल में डौरा चलाते समय फसल खाने से बचाने हेतु बैलों के मुंह पर बांधा जाने वाला रस्सी से बुना मुंह के आकार का सुरक्षा कवच जैसे कोरोना से बचने के लिए इंसानों द्वारा मास्क लगाया जाता है।
 *मछौंडी* -बैलों के सिर पर दोनों सिंगों के बीच बांधे जाने वाली श्रृंगार सामग्री।
 *बेगड़* - बैलों का श्रृंगार करने हेतु सिंगों पर चिपकाने वाला चमकीला रेपर,पेपर ।
*तीफन* - बीजों की बुआई का उपकरण जिसे बैलों की सहायता से चलाया जाता है
 *डवरा* - फसल के बीच से खरपतवार / घास साफ करने का उपकरण जिसे बैलों सहायता से चलाया जाता है
 *फ़साट* - पेड़ों की टहनियों को काटकर तिफन से बुआई के पश्चात बीजों को ढकने के लिए उपयोग किया जाता है।
 *जामभुरबाहि/ खरड़वाही* -  पहली बारिश पर खरपतवार के अंकुरण के बाद साफ करने के लिए की जाने वाली जुताई ।
 *रुंगना* - हल , तिफन , को पकड़ने का हैंडल ।
 *कासरा* - बैलों को नियंत्रित करने वाली रस्सी 
 *एसन* - बैलों को नियंत्रित करने वाली नकेल ।
 *पास* - लोहे की  पतली पट्टी जिसे खरपतवार निकालने व खेत को बखरने  वाले यंत्र के रूप में उपयोग में लाया जाता है ।
 *घोल्लर* - बैलों के गले मे बांधे जाने वाले ध्वनि यंत्र जो बैलों की सुरक्षा या उनकी स्थिति का अनुमान लगाने के काम आता है।
 *टिनमनी* - बैलों के गले मे बांधे जाने वाले ध्वनि यंत्र  जिसकी आवाज  मधुर व कम होती हैऔर 
 बैलों की सुरक्षा या उनकी स्थिति का अनुमान लगाने के काम आती है।
 *चाड़ा* - जिसका उपयोग तिफन में लगाकर बीजो को डालने के लिए किया जाता है। 
 *दातरा/इरा* - हाथों से उपयोग किया जाने वाला औजार काटने नींदने हेतु उपयोगी। 
 *तुतारी* *पिराना* - यह बास की पतली लकड़ी होती है जो बैलों को हांकने के काम आती है।
 *संकलन* - श्री कोमल दंढारेजी
आपका *सुखवाड़ा* ई-दैनिक और मासिक भारत।

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