ॐ जय क्षत्रिय पवार समाज पवार समाज का इतिहास जानें पवारी शोध पत्रिका अब उपलब्ध
ॐ जय क्षत्रिय पवार समाज ॐ

क्षत्रिय पवार समाज की
सम्पूर्ण जानकारी

पवार समाज का इतिहास, गोत्र, सरनेम, भोयर पवार, और पवारी शोध पत्रिका — सब कुछ एक जगह

72–84
Surnames
100+
Articles
72–84
Gotras
10+
Journal Issues
🏰
⭐ Featured
Pawar Samaj
📜 इतिहास

पवार समाज के सभी सरनेम और उनकी उत्पत्ति की विस्तृत जानकारी। भोयर पवार समाज के गोत्र और सरनेम रिकॉर्ड।

नवीनतम पोस्ट
सभी देखें →

Saturday, 20 June 2020

*भूले-बिसरे शब्द* *कुएं से जुड़ी शब्दावली व पहेलियां*

*भूले-बिसरे शब्द* 
 *कुएं से जुड़ी शब्दावली व पहेलियां*    

 *ससनी* - कुएं से पानी निकालने हेतु दो खूंटों पर आड़ा रखा मजबूत लकड़ी  का आधार
 *खूंट* -ससनी को आधार देने हेतु जमीन में गहरे गड़े और खड़े दो खूंट
 *परतवाही*- परोता को गोलाकार घुमने हेतु दो छोरों पर लगे लकड़ी के दो आधार जिसमें परोता की कील फंसाई जाती है।
*परोता* - मोट की सोंड की रस्सी जिसपर चलकर पानी निकालने हेतु बनी गोल सिलेंडर नुमा लकड़ी की आकृति।
*चका* - लकड़ी का गोल चका जिसपर मोट का एट चलकर मोट से पानी निकालने के लिए प्रयुक्त।
 *तोरनी* - ससनी के बीचों-बीच लगे लकड़ी के लगभग एक डेढ़ फीट के दो आधार जिनके ऊपरी छोर पर चके को फंसाने हेतु छेद होते हैं।
 *कील* - चका और परोता के दोनों ओर लगी लोहे की मजबूत राड जिनके सहारे वे तोरनी और परतवाही से जुड़कर गोलकार घुमते हैं।
*समदूर* - एट से समान दूरी पर चलने वाली  मोटी की सोंड को थामी रस्सी।
*मोट* - कुएं से पानी निकालने वाला चमड़े या टीन चादर का बना गोलाकार कंटेनर।
*डांड* - पानी निकासी के लिए खेत में बनी नाली।
*लांघी* - पत्थरों की सहायता से बना ऊंचा अवरोधक।
*जूपना* - बैलों को जोतने के लिए प्रयुक्त मोटी रस्सी।
 *जोत* -  बैलों को नियंत्रित करने हेतु जुवाड़े के दोनों छोर पर बंधी  बैलों के गले में बांधी जाने वाली रस्सी (जोत)।
 *थारला* - ढोर -जानवरों को पानी पिलाने के लिए बनाई गई चौड़ी,गहरी और ऊंची नाली जिसे जल संग्रहन हेतु समय समय पर खोला व बांधा जा सके। 
 *धाव* - मोट से पानी निकालने हेतु बैलों को आगे पीछे चलने के लिए प्रयुक्त ढलान युक्त स्थान।
 *डोहन* - लगभग एक हाथ चौड़ी और तीन हाथ लम्बी लकड़ी की उथली नाली जिसपर सोंड से आसानी से पानी उड़ेला जा सके। 
 *कोंड* - मोट को लटकाने के लिए प्रयुक्त मजबूत गोलाकार रिंग।
 *नथनी* - सोंड के एक छोर पर चार छेदों में लगी रस्सी  जो समदूर से जुड़ती है।
*कुएं से जुड़ी कुछ पहेलियां* 
१. इत सी जाय  उगी मुगी,उत सी आवय गाल फुगी।
२. सर सपट गप गाय, तीन मुण्ड दस पाय।
आठ आटानी,बारा बेनी,दो तोरनी,चार चौकड्या।
३.सर सराटा ऊपर कांटा,जी नी चिह्ने,ओको बाप मराठा।

 *आपका सुखवाड़ा ई-दैनिक और मासिक भारत।*
👤
Rajesh Barange

क्षत्रिय पवार समाज के इतिहास और संस्कृति का शोध एवं प्रचार।

प्रोफाइल देखें