Thursday, 6 July 2017

हवन का महत्व

     फ़्रांस के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की। जिसमे उन्हें पता चला की हवन मुख्यतः आम की लकड़ी पर किया जाता है। जब आम की लकड़ी जलती है तो फ़ॉर्मिक एल्डिहाइड नामक गैस उत्पन्न होती है जो की खतरनाक बैक्टीरिया और जीवाणुओ को मारती है तथा वातावरण को शुद्द करती है। इस रिसर्च के बाद ही वैज्ञानिकों को इस गैस और इसे बनाने का तरीका पता चला। गुड़ को जलाने पर भी ये गैस उत्पन्न होती है।

(२) टौटीक नामक वैज्ञानिक ने हवन पर की गयी अपनी रिसर्च में ये पाया की यदि आधे घंटे हवन में बैठा जाये अथवा हवन के धुएं से शरीर का सम्पर्क हो तो टाइफाइड जैसे खतरनाक रोग फ़ैलाने वाले जीवाणु भी मर जाते हैं और शरीर शुद्ध हो जाता है।

(३) हवन की महत्ता देखते हुए राष्ट्रीय वनस्पति अनुसन्धान संस्थान लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भी इस पर एक रिसर्च की क्या वाकई हवन से वातावरण शुद्द होता है और जीवाणु नाश होता है अथवा नही. उन्होंने ग्रंथो. में वर्णित हवन सामग्री जुटाई और जलाने पर पाया की ये विषाणु नाश करती है। फिर उन्होंने विभिन्न प्रकार के धुएं पर भी काम किया और देखा की सिर्फ आम की लकड़ी १ किलो जलाने से हवा में मौजूद विषाणु बहुत कम नहीं हुए पर जैसे ही उसके ऊपर आधा किलो हवन सामग्री डाल कर जलायी गयी एक घंटे के भीतर ही कक्ष में मौजूद बॅक्टेरिया का स्तर ९४ % कम हो गया। यही नही. उन्होंने आगे भी कक्ष की हवा में मौजुद जीवाणुओ का परीक्षण किया और पाया की कक्ष के दरवाज़े खोले जाने और सारा धुआं निकल जाने के २४ घंटे बाद भी जीवाणुओ का स्तर सामान्य से ९६ प्रतिशत कम था। बार बार परीक्षण करने पर ज्ञात हुआ की इस एक बार के धुएं का असर एक माह तक रहा और उस कक्ष की वायु में विषाणु स्तर 30 दिन बाद भी सामान्य से बहुत कम था।
यह रिपोर्ट एथ्नोफार्माकोलोजी के शोध पत्र (resarch journal of Ethnopharmacology 2007) में भी दिसंबर २००७ में छप चुकी है।
रिपोर्ट में लिखा गया की हवन के द्वारा न सिर्फ मनुष्य बल्कि वनस्पतियों फसलों को नुकसान पहुचाने वाले बैक्टीरिया का नाश होता है। जिससे फसलों में रासायनिक खाद का प्रयोग कम हो सकता है।

क्या हो हवन की समिधा (जलने वाली लकड़ी):-👇

समिधा के रूप में आम की लकड़ी सर्वमान्य है परन्तु अन्य समिधाएँ भी विभिन्न कार्यों हेतु प्रयुक्त होती हैं। सूर्य की समिधा मदार की, चन्द्रमा की पलाश की, मङ्गल की खैर की, बुध की चिड़चिडा की, बृहस्पति की पीपल की, शुक्र की गूलर की, शनि की शमी की, राहु दूर्वा की और केतु की कुशा की समिधा कही गई है।
मदार की समिधा रोग को नाश करती है, पलाश की सब कार्य सिद्ध करने वाली, पीपल की प्रजा (सन्तति) काम कराने वाली, गूलर की स्वर्ग देने वाली, शमी की पाप नाश करने वाली, दूर्वा की दीर्घायु देने वाली और कुशा की समिधा सभी मनोरथ को सिद्ध करने वाली होती है।
हव्य (आहुति देने योग्य द्रव्यों) के प्रकार
प्रत्येक ऋतु में आकाश में भिन्न-भिन्न प्रकार के वायुमण्डल रहते हैं। सर्दी, गर्मी, नमी, वायु का भारीपन, हलकापन, धूल, धुँआ, बर्फ आदि का भरा होना। विभिन्न प्रकार के कीटणुओं की उत्पत्ति, वृद्धि एवं समाप्ति का क्रम चलता रहता है। इसलिए कई बार वायुमण्डल स्वास्थ्यकर होता है। कई बार अस्वास्थ्यकर हो जाता है। इस प्रकार की विकृतियों को दूर करने और अनुकूल वातावरण उत्पन्न करने के लिए हवन में ऐसी औषधियाँ प्रयुक्त की जाती हैं, जो इस उद्देश्य को भली प्रकार पूरा कर सकती हैं।

होम द्रव्य -

होम-द्रव्य अथवा हवन सामग्री वह जल सकने वाला पदार्थ है जिसे यज्ञ (हवन/होम) की अग्नि में मन्त्रों के साथ डाला जाता है।

(१) सुगन्धित : केशर, अगर, तगर, चन्दन, इलायची, जायफल, जावित्री छड़ीला कपूर कचरी बालछड़ पानड़ी आदि

(२) पुष्टिकारक : घृत, गुग्गुल ,सूखे फल, जौ, तिल, चावल शहद नारियल आदि

(३) मिष्ट - शक्कर, छूहारा, दाख आदि

(४) रोग नाशक -गिलोय, जायफल, सोमवल्ली ब्राह्मी तुलसी अगर तगर तिल इंद्रा जव आमला मालकांगनी हरताल तेजपत्र प्रियंगु केसर सफ़ेद चन्दन जटामांसी आदि

उपरोक्त चारों प्रकार की वस्तुएँ हवन में प्रयोग होनी चाहिए। अन्नों के हवन से मेघ-मालाएँ अधिक अन्न उपजाने वाली वर्षा करती हैं। सुगन्धित द्रव्यों से विचारों शुद्ध होते हैं, मिष्ट पदार्थ स्वास्थ्य को पुष्ट एवं शरीर को आरोग्य प्रदान करते हैं, इसलिए चारों प्रकार के पदार्थों को समान महत्व दिया जाना चाहिए। यदि अन्य वस्तुएँ उपलब्ध न हों, तो जो मिले उसी से अथवा केवल तिल, जौ, चावल से भी काम चल सकता है।

सामान्य हवन सामग्री -

तिल, जौं, सफेद चन्दन का चूरा , अगर , तगर , गुग्गुल, जायफल, दालचीनी, तालीसपत्र , पानड़ी , लौंग , बड़ी इलायची , गोला , छुहारे नागर मौथा , इन्द्र जौ , कपूर कचरी , आँवला ,गिलोय, जायफल, ब्राह्मी.

pawar bhoyar powar panwar central obc list

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State : Maharashtra
 में यह 216 no 
Powar, Bhoyar Pawar, Bhoyar 
(Note: Entry No. 216 does not include persons having their surnames 
as Pawar or Powar but not belonging to aforesaid caste/community)

12011/12/96-BCC dt. 03/08/1998 (size : .16MB)    PDF
12011/96/94-BCC dt. 09/03/1996 (size : .76MB)    PDF

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State : Madhya Pradesh
12Powar, Bhoyar/ Bhoyaar, Panwar1

2015/15/2008- BCC dt. 16/06/2011
 (size : 3.65MB)    PDF
12011/68/93-BCC(C) dt. 10/09/1993 (size : 7.07MB)    PDF
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State : Chattisgarh
52Powar, Bhoyar/Bhoyaar, Panwar 
12015/2/2007-BCC dt. 18/08/2010 (size : 3.03MB)    PDF
12015/13/2010-B.C.II. Dt. 08/12/2011 (size : 2.96MB)    PDF   

OBC Caste Certificate In Madhya Pradesh Application & Procedure मध्य प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र

Those who want caste certificate in Madhya Pradesh have to file an application in prescribed format to obtain caste certificate. The caste certificate is issued to those persons who are belonging to reserved category such as scheduled caste, scheduled tribe and other backward class. The caste certificate is provided by the revenue department, government of Madhya Pradesh. The main aim of providing caste certificate to backward community people or low income peoples is to remove discrimination among all peoples and provide them equal chance of opportunity. Those who belongs to low communities but have no caste certificate then they will not be able to avail facilities and benefits provided by government. Without caste certificate no person is able to avail facility of reservation, relaxation. The caste certificate contain all details as name, caste of applicant and other which help in proving caste of person. With the help of caste certificate the government provide reservation and relaxation facility to low community people. It also helps in applying for fee concession in school, college, or other educational institutions. Caste certificate is one of the important documents. Those who want to apply for caste certificate have to follow prescribed steps. Below we provide you all details which are required for applying for caste certificate.

Procedures for Applying for Caste Certificate जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन के लिए प्रक्रिया

To apply for caste certificate you need to check steps to be followed. Application for caste certificate is to be filled in prescribed form. It is an important document for all peoples. Below we provide you steps for applying for caste certificate.
➡ First you need an application form. You can download application form from official portal or you can also visit to concerned authority office and take application form.
➡ After getting form, next need to fill it properly with all required and relevant details. Check all details in form after filling application form completely.
➡ Now attach required and relevant documents with application form. All required are to be submitted with form.
➡ Proceed to concerned authority office and submit your application with all document and fee charges to obtain caste certificate. The concerned officer verifies all details in form and documents. After all verification, issue caste certificate.
➡ The department send a notification on your registered mobile number or e – mail id. If no notification is received then visit to concerned office after prescribed time limit to collect caste certificate.

Document Needs for Applying for Caste Certificate दस्तावेज़ जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन के लिए आवश्यक

Check here list of documents to be required at the time of filling application for caste certificate in Madhya Pradesh. All documents copy needs to be attested by any gazette officer.
(a) Application Form Caste Certificate आवेदन पत्र जाति प्रमाण पत्र
(b) Proof of Identity (Voter id Card / Driving License / Passport / Aadhaar Card / PAN card) पहचान का सबूत (वोटर आईडी कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / पासपोर्ट / आधार कार्ड / पैन कार्ड)
(c) Proof of Address (Voter ID Card / Passport / Driving License / Electricity Bill / Water Bill / Electricity Bill / Rent Receipt / Ration Card / Property Tax Receipt / Bank Passbook) पते का प्रमाण (वोटर आईडी कार्ड / पासपोर्ट / ड्राइविंग लाइसेंस / बिजली का बिल / पानी के बिल / बिजली का बिल / किराए की रसीद / राशन कार्ड / सम्पत्ति कर रसीद / बैंक पासबुक)
(d) Caste certificate of any family member किसी भी परिवार के सदस्य की जाति प्रमाण पत्र
(e) If married women, then caste proof before marriage.
(f) If applicant migrated from other state / district then caste certificate of applicant’s father issued by competent authority.
(g) In case of conversion of religion then proof of caste before conversion.

Fee Charges शुल्क

Applicant you need to pay Rs. 5 as stamp fee charges for applying for caste certificate.

Concerned Authority संबंधित प्राधिकारी

Application to obtain caste certificate is to be submit to the Sub – District Magistrate or Tehsildar or Revenue Department with all documents. You need to take receipt after submit of application used for future reference.

Delivery Period अवधि

Caste certificate will delivered to applicant within 10 to 15 days from date of application. Visit to office in person with receipt to collect caste certificate.

*ऐ मेरे स्कूल मुझे,*
*जरा फिर से तो बुलाना..*
कमीज के बटन
ऊपर नीचे लगाना,
वो अपने बाल
खुद न संवार पाना,
पी टी शूज को
चाक से चमकाना,
वो काले जूतों को
पैंट से पोंछते जाना...
*😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे,*
*जरा फिर से तो बुलाना...*
😊 😊 😊 😊 😊
वो बड़े नाखुनों को
दांतों से चबाना,
और लेट आने पर
मैदान का चक्कर लगाना,
वो प्रेयर के समय
क्लास में ही रुक जाना,
पकड़े जाने पर
पेट दर्द का बहाना बनाना...
*😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे,*
*जरा फिर से तो बुलाना...*
😊 😊 😊 😊 😊
वो टिन के डिब्बे को
फ़ुटबाल बनाना,
ठोकर मार मार कर
उसे घर तक ले जाना,
साथी के बैठने से पहले
बेंच सरकाना,
और उसके गिरने पे
जोर से खिलखिलाना...
*😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे,*
*जरा फिर से तो बुलाना...*
😊 😊 😊 😊 😊
गुस्से में एक-दूसरे की
कमीज पे स्याही छिड़काना,
वो लीक करते पेन को
बालों से पोंछते जाना,
बाथरूम में सुतली बम पे
अगरबत्ती लगाकर छुपाना,
और उसके फटने पे
कितना मासूम बन जाना...
*😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे'*
*जरा फिर से तो बुलाना...*
😊 😊 😊 😊 😊
वो Games Period
के लिए Sir को पटाना,
Unit Test को टालने के लिए
उनसे गिड़गिड़ाना,
जाड़ो में बाहर धूप में
Class लगवाना,
और उनसे घर-परिवार के
किस्से सुनते जाना...
*😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे,
जरा फिर से तो बुलाना...*
😊 😊 😊 😊 😊
वो बेर वाली के बेर
चुपके से चुराना,
लाल–पीला चूरन खाकर
एक दूसरे को जीभ दिखाना,
खट्टी मीठी इमली देख
जमकर लार टपकाना,
साथी से आइसक्रीम खिलाने
की मिन्नतें करते जाना...
*😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे,*
*जरा फिर से तो बुलाना...*
😊 😊 😊 😊 😊
वो लंच से पहले ही
टिफ़िन चट कर जाना,
अचार की खुशबू
पूरे Class में फैलाना,
वो पानी पीने में
जमकर देर लगाना,
बाथरूम में लिखे शब्दों को
बार-बार पढ़के सुनाना...
😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे,
जरा फिर से तो बुलाना...
😊 😊 😊 😊 😊
वो Exam से पहले
गुरूजी के चक्कर लगाना,
लगातार बस Important
ही पूछते जाना,
वो उनका पूरी किताब में
निशान लगवाना,
और हमारा ढेर सारे Course
को देखकर सर चकराना...
*😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे,*
*जरा फिर से तो बुलाना...*
😊 😊 😊 😊 😊
वो मेरे स्कूल का मुझे,
यहाँ तक पहुँचाना,
और मेरा खुद में खो
उसको भूल जाना,
बाजार में किसी
परिचित से टकराना,
वो जवान गुरूजी का
बूढ़ा चेहरा सामने आना...
तुम सब अपने स्कूल
एक बार जरुर jana....😢😢

विचारणीय

🙏🍁 *विचारणीय* 🍁🙏

🍚 *लड्डू* - भारतीय संस्कृति !
जो दाने को दाने से जोड़ कर
उत्सव मनाने का सन्देश देता है |
:
🎂 *केक* - पश्चिमी संस्कृति !
जो काट कर, बांट कर
उत्सव मनाने को दर्शाता है |      

3 चीजे किसी का इन्तजार नही कर सकती

3 चीजे किसी का इन्तजार नही कर सकती

• मौत, • वक्त, • उम्र 

 * 3 चीजे जिंदगी में 1 बार मिलती है 

• माँ-बाप, • वक्त, • दोस्त 

 * 3 चीजे सोचकर समझकर उठाओ 

• कदम, • कसम, • कलम 

 * 3 चीजे सोचकर करे 

• प्यार, • बात, • फैसला

 * 3 चीजे छोटी न समझो 

• कर्ज, • फर्ज, • रिस्ता

 * 3 चींजे हमेशा दर्द देती है 

• धोखा, • गरीबी, • यादे

 * 3 चीजो से हमेशा खुश रहेंगे 

• गॉड, • फॅमिली, • दोस्ती

 

 लोग डुबते हैं तो समंदर
को दोष देते हैं...

मंजिल न मिले तो मुकद्दर
को दोष देते हैं...

खुद तो संभलकर
चल नहीं सकते

जब ठेस लगती है
तो पत्थर को दोष देते हैं....
 

गम हसने न दिया, ज़माने ने रोने न दिया!
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया!
थक के जब सितारों से पनाह ली!
नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!
  

वोक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे!

दुनिया में हम खुश नसीब होंगे!
दूर से जब इतना याद करते है आपको!
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?

 

फिर से वो सपना सजाने चला हूँ, उमीदों के सहारे दिल लगाने चला हूँ, पता है कि अंजाम बुरा ही होगा मेरा, फिर भी किसी को अपना बनाने चला हूँ।🌹🌹

 

Friday, 23 June 2017

अनुकरणीय । कृष्णकुमार डोबल goे और श्रीमती निवेदिता डोबले का साहसिक कदम

कृष्णकुमार डोबल goे और श्रीमती निवेदिता डोबले का साहसिक कदम -

समाज सुधार पर भाषण देने के स्थान पर काम करके  प्रस्तुत की मिसाल 

श्री कृष्णकुमार डोबले खैरीपेका छिंदवाड़ा ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती निवेदिता डोबले पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत छिंदवाड़ा के सम्बल और सहयोग से अपनी माताश्री के देहावसान पर केवल श्रृद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। श्री डोबले जी ने अपनी माताश्री शांति बाई डोबले का दसक्रिया कार्यक्रम उज्जैन में आयोजित किया और वहाँ की तीन विकलांग संस्थाओं के बच्चों को अपनी शृद्धानुसार अनुदान राशि उपलब्ध कराई। खैरीपेका में तेरहवीं  के दिन केवल श्रृद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया और तेरहवीं में होने वाले संभावित खर्च की राशि से  अपने गांव खैरीपेका के मोक्षधाम में विश्रामगृह बनाने का एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है जिसकी मिसाल दूर दूर तक मिलना मुश्किल है। 

 उल्लेखनीय है श्रीमती निवेदिता डोबले और श्री कृष्णकुमार डोबले ने अपने गांव खैरीपेका में छः जोड़ों का  कुछ वर्षों पूर्व सामूहिक विवाह का आयोजन कर क्षेत्र में काफी ख्याति अर्जित की थी। उस समय भी उक्त दंपत्ति द्वारा सामूहिक विवाह का पूरा व्यय स्वयं वहन किया गया था। उक्त दोनों दंपत्ति द्वारा  समाज सुधार पर भाषण देने के स्थान पर समय समय पर समाज सुधार के काम करके जो उदाहरण प्रस्तुत किये जा रहे है वह अनुकरणीय है। 

भोयरी (पवारी) बोली: एक भाषाई एवं सांस्कृतिक अनुशीलन- शिवानी पवार (बारंगे) -भोयरी / Bhoyari / Pawari

भोयरी (पवारी) बोली: एक भाषाई एवं सांस्कृतिक अनुशीलन लेखिका: शिवानी पवार (बारंगे) निवास स्थान: देवरी, मुलताई संस्था से संबद्धता: माँ ताप...